- फुलमनहा स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय की व्यवस्था पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने नियमित स्वास्थ्य सेवाएं बहाल करने की मांग की
सौरभ जायसवाल
बृजमनगंज, महराजगंज। विकास खंड क्षेत्र के फुलमनहा स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि चिकित्सालय में प्रभारी चिकित्साधिकारी की तैनाती होने के बावजूद मरीजों को नियमित उपचार और परामर्श की सुविधा नहीं मिल पा रही है, जिससे ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार चिकित्सालय में तैनात प्रभारी राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डॉ. हरेंद्र जसवार अधिकांश समय अस्पताल में उपलब्ध नहीं रहते। मरीज जब इलाज अथवा दवा लेने पहुंचते हैं तो उन्हें चिकित्सक नहीं मिलते और कई बार बिना उपचार के वापस लौटना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल कर्मियों द्वारा अक्सर चिकित्साधिकारी के जनपद स्तरीय बैठकों या अन्य प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त होने की जानकारी दी जाती है।
दवा और उपचार के लिए भटक रहे मरीज
ग्रामीणों का आरोप है कि चिकित्सक की अनुपस्थिति के कारण मरीजों को समय पर चिकित्सकीय परामर्श नहीं मिल पाता। कई मरीज आयुर्वेदिक उपचार के लिए अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन डॉक्टर के न मिलने से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है। इससे सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की उपयोगिता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
कोरोना के बाद बढ़ा आयुर्वेद पर भरोसा
स्थानीय लोगों का कहना है कि कोरोना महामारी के बाद आयुर्वेदिक चिकित्सा और प्रतिरक्षा बढ़ाने वाली दवाओं के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है। बड़ी संख्या में ग्रामीण आयुर्वेदिक अस्पतालों से उपचार लेना चाहते हैं, लेकिन चिकित्सकों की नियमित उपलब्धता न होने से उन्हें अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा।
ग्रामीणों ने जताया विरोध
चिकित्सकीय सेवाओं में अनियमितता को लेकर ग्रामीणों ने अस्पताल परिसर में एकत्र होकर विरोध भी दर्ज कराया। ग्रामीण कुलदीप, अजय, आर्यन, भोला, राधेश्याम, दीपक, रामजतन और रवि समेत अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि डॉ. हरेंद्र जसवार को जिला आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद अस्पताल में उनकी उपस्थिति और कम हो गई है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि चिकित्सालय में नियमित रूप से चिकित्सकीय सेवाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि मरीजों को समय पर इलाज और दवाएं उपलब्ध हो सकें।
चिकित्साधिकारी ने दी सफाई
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. हरेंद्र जसवार ने बताया कि उन्हें जनपद स्तर की बैठकों, प्रशासनिक दायित्वों और विभागीय कार्यों में लगातार शामिल होना पड़ता है। उन्होंने कहा कि वह समय-समय पर चिकित्सालय का निरीक्षण और आवश्यक कार्य करते रहते हैं तथा कई प्रशासनिक जिम्मेदारियां जिला स्तर से संचालित होती हैं।













