शकील अहमद
सरोजनीनगर (लखनऊ)। राजधानी के सरोजनी नगर क्षेत्र स्थित शांति नगर में बेजुबान जानवरों के साथ कथित क्रूरता का मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया है कि इलाके में रहने वाले एक दंपत्ति द्वारा जानवरों के साथ मारपीट की जा रही है और उन्हें भोजन-पानी से भी वंचित रखा जा रहा है।
इस संबंध में लोगों ने थाना सरोजनीनगर में तहरीर देकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, प्रेमा झा और उनके पति राजकुमार झा पर आरोप है कि वे आए दिन नशे की हालत में बेजुबान जानवरों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं।
लोगों का कहना है कि कुछ दिन पहले एक जानवर को इतनी बेरहमी से पीटा गया कि उसके शरीर पर गंभीर चोटें आ गईं। इतना ही नहीं, आरोप है कि दोनों द्वारा जानवरों को जहर देकर मारने तक की धमकी दी जा रही है, जिससे क्षेत्र में भय और रोष का माहौल है।
शांति नगर निवासी पशु प्रेमी पंकज अवस्थी और अनीता यादव ने बताया कि मै नियमित रूप से इन जानवरों को भोजन और पानी बीमार होने पर डॉक्टर को बुलाकर दवा अपने निजी खर्चे से देने का प्रयास करते हैं, लेकिन आरोपित दंपत्ति उन्हें ऐसा करने से रोकते हैं।
उन्होंने बताया कि कई बार उनके साथ गाली-गलौज भी की गई और इसका साक्षी प्रमाण पुलिस प्रशासन को दिया गया। धमकाया गया कि यदि उन्होंने जानवरों की मदद जारी रखी तो उनके साथ भी गलत व्यवहार किया जाएगा।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कॉलोनी में कई बेजुबान जानवर पिछले कुछ समय से बेहद कमजोर और बीमार दिखाई दे रहे हैं। इसका मुख्य कारण उन्हें पर्याप्त भोजन और पानी न मिल पाना बताया जा रहा है। भीषण गर्मी के बीच पानी से वंचित रखना जानवरों के जीवन के लिए गंभीर खतरा बन गया है।
इस मामले की जानकारी शांति नगर विकास कल्याण समिति के अध्यक्ष उदयवीर सिंह सहित अन्य स्थानीय नागरिकों को भी दी गई, जिन्होंने इस कृत्य की निंदा करते हुए इसे अमानवीय बताया है। समिति के पदाधिकारियों और क्षेत्रवासियों ने एकजुट होकर थाना सरोजनी नगर में शिकायत दर्ज कराई है और मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
पशु कल्याण से जुड़े लोगों का कहना है कि किसी भी जानवर को मारना, भूखा रखना या उसके साथ क्रूरता करना पशु क्रूरता निवारण कानून के तहत दंडनीय अपराध है। वहीं पर शांति नगर चौकी इंचार्ज उपेंद्र यादव ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो किसी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रशासन से क्षेत्र में जानवरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने व न्याय की मांग की है।


















