- बिजनौर पुलिस की कार्रवाई, गैर जमानती वारंट के आधार पर दबोचा गया आरोपी
शकील अहमद
बिजनौर (लखनऊ)। पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना बिजनौर पुलिस ने जमीन की फर्जी रजिस्ट्री कर धोखाधड़ी करने के मामले में वांछित एक प्रॉपर्टी डीलर को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। आरोपी के विरुद्ध माननीय न्यायालय द्वारा गैर जमानतीय गिरफ्तारी वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी किया गया था।
पुलिस आयुक्त तरुण गाबा एवं संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय अपर्णा कुमार के निर्देश पर पुलिस उपायुक्त दक्षिणी मो. मुश्ताक के पर्यवेक्षण, अपर पुलिस उपायुक्त रल्लापल्ली वसंथ कुमार तथा सहायक पुलिस आयुक्त कृष्णानगर अभिषेक कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में प्रभारी निरीक्षक बिजनौर कपिल गौतम द्वारा गठित टीम ने यह कार्रवाई की।
पुलिस के अनुसार 13 जुलाई 2025 को ग्राम कूढ़ा ईंट, थाना काकोरी निवासी जयश्री ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पति प्रेमशंकर की जमीन से संबंधित रजिस्ट्री धोखाधड़ी के माध्यम से कराई गई। विरोध करने पर आरोपियों द्वारा गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी भी दी गई। इस संबंध में थाना बिजनौर पर मुकदमा दर्ज किया गया था।
विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर न्यायालय से आरोपी के विरुद्ध गैर जमानतीय वारंट जारी हुआ। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी काकोरी स्थित अपने प्रॉपर्टी कार्यालय आशीष डेवलपर्स में मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने छापेमारी कर आरोपी अभिषेक शील श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने स्वयं को प्रॉपर्टी डीलर बताते हुए स्वीकार किया कि वह आशीष डेवलपर्स के नाम से प्रॉपर्टी का कारोबार करता था तथा संबंधित जमीन पर प्लॉटिंग कर कई लोगों को रजिस्ट्री कर चुका है। पुलिस मामले के अन्य पहलुओं और संभावित पीड़ितों की भी जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध लखनऊ के विभिन्न थानों में धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना और अन्य गंभीर मामलों में पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक दयाराम साहनी, उपनिरीक्षक शिवम मलिक तथा महिला आरक्षी अमृता प्रतिभा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।













